रिपोर्ट: वरीय संवाददाता देवब्रत मंडल
22307 हावड़ा-बीकानेर जोधपुर एक्सप्रेस में राजकीय रेल पुलिस के जवानों ने सोना लेकर सफर कर रहे एक यात्री से 21 नवंबर 2025 को एक किलोग्राम सोना लूटकांड का मामला अब नया मोड़ ले लिया है। सोने का कूरियर धनंजय शाश्वत के 164 के बयान दर्ज कर लिए जाने के बाद 07 जनवरी को एसआईटी की टीम गया जी के सराफा मंडी से बिनोद कुमार नामक एक स्वर्ण कारोबारी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। जिसकी निशानदेही पर 08 जनवरी को एक बार फिर एसआईटी ने गया रेल थाना और कोतवाली थाना की पुलिस के साथ गया जी के टावर चौक के समीप सराफा मंडी में ‘गोल्ड हाउस’ के मालिक के पुत्र मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू को पकड़ने के लिए पहुंची लेकिन गोलू फरार होने में सफल रहा।

मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू गयाजी बुलियन एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष बताया गया है। गोलू को पकड़ने पहुंची पुलिस की टीम कई घन्टे तक सराफा मंडी में रही। बताया गया कि जब गोलू अपनी दुकान पर नहीं मिला तो पुलिस उसके घर तक भी पहुंची तो यहां से भी पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।
बाजार में जो चर्चाएं हो रही थी, उसके अनुसार बिनोद ने ही लूट के सोने को बेचवाने में मदद पहुंचाई थी। इसके एवज में उसे 15-20 हजार रुपये ही मिले होंगे। जबकि गोलू के बारे में चर्चा है चोरी के जेवरात की खरीद बिक्री किया करता रहा है।
एक चर्चा यह भी हो रही है कि यदि बिनोद कुमार और गोलू के मोबाइल का सीडीआर और लोकेशन ट्रेस पुलिस यदि करती है तो इस कांड के अलावा अन्य और कई कांड से इसके तार जुड़ सकते हैं और कई और लोग इस जद में आ सकते हैं।

बता दें कि पीड़ित सोने का व्यापारी मनोज सोनी ने इस घटना की शिकायत खगड़िया के लोजपा सांसद राजेश वर्मा से की तो उन्होंने अपने स्तर से वरिष्ठ रेल पुलिस पदाधिकारी तक इस मामले को पहुंचा दिया। जब यह बात उच्चधिकारियों तक पहुंची तो पटना रेल के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. इनामुल हक़ ने गया रेल थाना एसएचओ राजेश कुमार को निर्देश दिया कि इस मामले में कांड दर्ज करें। तब गया रेल थाना में 29 दिसंबर 2025 को बीएनएस की विभिन धाराओं के तहत कांड संख्या 334/2025 दर्ज कर लिया गया।
इसी मामले की जांच करने पिछले साल दिसंबर महीने में रेल एसएसपी श्री हक़ गया रेल थाना पहुंचे थे। जिन्होंने magadhlive को बताया था कि इस मामले में जिनकी भी संलिप्तता पाई जाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यालय ने इस कांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन करते हुए जांच को आगे बढ़ाया। जांच के क्रम में रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह और चार सिपाहियों की संलिप्तता पाई गई। इसके बाद गया रेल थानाध्यक्ष श्री सिंह एवं चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही कांड के आईओ वीरेंद्र सिंह की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर इन्हें भी निलंबित कर दिया गया। फिलहाल रेल थानाध्यक्ष जेल में हैं। गया रेलवे न्यायालय ने इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
वाक्या पिछले साल 2025 की है। 20 नवंबर को 22307 अप हावड़ा-बीकानेर जोधपुर एक्सप्रेस से धनञ्जय शाश्वत नामक यात्री स्वर्ण व्यवसायी मनोज सोनी का एक किलोग्राम सोने का बिसकिट्स लेकर कोलकाता से चला। सोना जयपुर लेकर जाना था, लेकिन कोडरमा-गया स्टेशन के बीच जीआरपी के सिपाहियों ने 21 नवंबर की सुबह में शाश्वत के साथ मारपीट व धमका कर एक किलोग्राम सोना लूट लिया। जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई जाती है।
जैसा कि दर्ज कांड में बताया गया है कि
यह घटना गया जंक्शन से करीब पांच किमी पहले हुई थी। आरोप यह भी है कि सिपाहियों ने कुछ किसी को नहीं बताने की बात कहकर सोना के कूरियर धनञ्जय शाश्वत को गया से हावड़ा का टिकट कटाकर वापस लौट जाने के लिए कह दिया। कूरियर के मालिक को मनोज सोनी को जब यह बात पता चला तो उन्होंने अपने कुरियर धनञ्जय शास्वत पर ही संदेह व्यक्त करते हुए इसके खिलाफ मालिपंचघोरा थाना में लिखित शिकायत की।
रेल थानाध्यक्ष श्री सिंह ने इस संबंध में कांड संख्या 334/25 बीएनएस की धारा 309(4) के तहत 29.11.2025 को दर्ज किया था। बाद में जब उच्चस्तरीय जांच हुई तो थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह इस मामले में उनकी संलिप्तता सामने आई। बीएनएस की कुछ और धाराएं जोड़ते हुए कांड में रेल थानाध्यक्ष को गिरफ्तार कर 31 दिसंबर 2025 की देर शाम गया के सेंट्रल जेल में भेज दिया गया। हालांकि दर्ज मुकदमे में थानाध्यक्ष श्री सिंह ने चार अज्ञात राजकीय रेल पुलिस के अलावा सोना लेकर चल रहे धनञ्जय शाश्वत को भी आरोपित किया था।
इसके बाद धनञ्जय शाश्वत को पुलिस ने न्यायालय में इकबालिया बयान दर्ज कराने की अपील की। अपील पर बयान दर्ज करा लिया गया। धनञ्जय शाश्वत ने न्यायालय में क्या बातें कही है, इसका खुलासा नहीं हुआ है। इस मामले में अबतक आरोपी बनाए गए सभी चारो सिपाही तथा दो सिविलियन फरार बताए जा रहे हैं, जिसकी तलाश में टीम कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।






