देवब्रत मंडल

रेलवे का तंत्र आज इतना विकसित और प्रणाली अपडेट है कि यात्रियों के साथ यदि थोड़ी सी मुसीबत खड़ी होती है संबंधित रेल पदाधिकारी उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए त्वरित कार्यवाही शुरू कर दिया करते हैं। विशेषकर जहां तक यात्री सुविधाओं की बात करें तो रेल मंत्रालय का इस पर विशेष फ़ोकस भी है। ऐसे में यात्रियों को सेवा प्रदत्त करा रहे जिम्मेदार पदाधिकारी के साथ साथ स्टेशन अधीक्षक की भी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इसी क्रम में रविवार को गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर वन पर एक अबोध बालक सिसक सिसक कर रो रहा था। जिस पर स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार की नजर पड़ी तो बालक को अपने चैंबर में ले गए। पूछताछ की तो पता चला कि बालक नेपाल का रहनेवाला है जो आसनसोल-वाराणसी मेमू सवारी गाड़ी से अपने परिवार के साथ सफर पर था। जिसके परिवार के सदस्य ट्रेन से आगे बढ़ गए हैं।
स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि तुरंत ही काष्ठा और परैया स्टेशन मैनेजर को कॉल कर बालक के परिवार के सदस्यों को उतरवाया। काष्ठा स्टेशन आने वाली 12818 स्वर्णजयंती झारखंड एक्सप्रेस को तथा 18639 को परैया में रुकवा कर बालक के परिवार के सदस्यों को गया जंक्शन पर बुलाया। इसके बाद बालक  छलटी पाल(10वर्ष) को सुपुर्द कर दिया। इस नेक काम में आरपीएफ़ और स्टेशन मैनेजर आरके भारती और एसएस कार्यालय के स्टाफ का सहयोग सराहनीय रहा। इसके लिए नेपाल के यात्रियों ने रेलवे और पदाधिकारी व कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। बता दें इसके पहले भी बिछड़े परिवार को यात्री को मिलाने का काम यहां के एसएस के द्वारा किया जा चुका है।

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