11 अगस्त तक छात्र नागसेन अमन का पार्थिव शरीर भारत आ जाने की संभावना

GAYA DESK
GAYA DESK
3 Min Read

वरीय संवाददाता देवब्रत मंडल

अरविंद कुमार, मिनिस्टर काउंसिल इंडियन एंबेसी, बीजिंग द्वारा गया जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह को दी गई जानकारी

चीन में इंटरनेशनल बिजनेस स्टडी की पढ़ाई करने गए गया जिले के छात्र नागसेन अमन का पार्थिव शरीर 11 अगस्त को भारत आने की संभावना है। नागसेन अमन की मृत्यु से संबंधित तथा उसे भारत लाने की प्रक्रिया के संबंध में अरविंद कुमार, मिनिस्टर काउंसिल  इंडियन एंबेसी, बीजिंग द्वारा जिला पदाधिकारी अभिषेक सिंह को बताया गया कि वे नियमित रूप से मृतक के परिवार के संपर्क में हैं। स्थानिक आयुक्त (रेसिडेंट कमिश्नर) दिल्ली को भी इस संबंध में अवगत कराया जा रहा है।
    उन्होंने बताया कि दिवंगत छात्र की हत्या करने का मामला दर्ज किया गया है। जिसमें एक विदेशी आरोपित व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उक्त मामले में भी इंडियन एंबेसी, बीजिंग के द्वारा फॉलो अप किया जा रहा है ताकि दिवंगत छात्र के परिवार को न्याय मिल सके। चूँकि यह मामला चीन की सरकार से संबंधित है, इसलिए इंडियन एंबेसी बीजिंग, चीन की सरकार के साथ फॉलोअप कर रहे हैं। मंगलवार को मृतक छात्र का पोस्टमार्टम किया गया है तथा आज मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा। डेड बॉडी लाने की प्रक्रिया आज से प्रारंभ हो जाएगा। संभावना है कि 11 अगस्त को शव वायुयान के माध्यम से चीन से भारत लाया जाएगा। विदेश मंत्रालय भारत सरकार के वरीय पदाधिकारी द्वारा मृतक के परिवार से बात किया गया है। सभी प्रक्रिया के बारे में परिवार को अवगत कराया गया है। परिवार और प्रशासन भारत सरकार के पदाधिकारी के संपर्क में हैं तथा इंडियन एंबेसी बीजिंग नियमित रूप से चीन सरकार के संपर्क में है। चीन की सरकार के द्वारा कानूनी कार्रवाई (लीगल वर्क) के आलोक में अग्रेतर कार्रवाई करते हुए यथाशीघ्र मृतक छात्र को न्याय दिलाने एवं शव को भारत लाने की कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि गया शहर के पुलिस लाइन एरिया में रहने वाले छात्र नागसेन अमन की मृत्यु की खबर 30 जुलाई को उनके परिवार वाले को मिली थी। इसके बाद भारतीय दूतावास ने मेल के जरिए अमन की हत्या कर दिए जाने व इस मामले में एक गैर चाइनीज के गिरफ्तारी की सूचना दी गई थी। शहर के रामपुर थाना क्षेत्र में रह रहे अमन के परिजन दिवंगत नागसेन अमन का अंतिम दर्शन को लेकर सभी से गुहार लगा चुके हैं।

Share this Article
Leave a comment