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वरीय संवाददाता देवब्रत मंडल

रविवार को पीपल फर्स्ट एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट अंतर्गत बच्चो के सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए विगत 18 वर्षो संचालित रेस्क्यू जंक्शन गया के नए भवन का उदघाटन पीपल फर्स्ट इंटरनेशनल ( यूनाइटेड किंगडम) के अध्यक्ष कीथ डार्विन ने किया। इनके साथ सचिव जेन स्मिथ, ट्रस्टी सारा भी इस कार्यक्रम में शामिल थी। श्री डार्विन ने संस्था को एक चारपहिया वाहन एवं सारा ने नवनिर्मित भवन में सोलर पावर उपहार स्वरूप दिया। जिससे संस्था में रहने वाले बच्चो को बिजली से संबंधित कोई समस्या का सामना न करना पड़े। पीपल फर्स्ट इंटरनेशनल , इंग्लैंड से बोधगया आए इस दल ने नवनिर्मित भवन के उद्घाटन के उपरांत संस्था से संरक्षण एवं शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चो से उनकी निजी जीवन को जानने के लिए बच्चों से बातचीत करते हुए भावुक हो गए।

पीपुल फर्स्ट, गया के अध्यक्ष के कार्यों की हुई सराहना

पीपल फर्स्ट इंटरनेशनल के अध्यक्ष श्री डार्विन ने बताया की वे 15 वर्षो में 9 वीं बार बोधगया आए हैं। उन्होंने संस्था के कार्यों को सराहते हुए कहा की वे जब जब यहां आए है तब तब पीपल फर्स्ट गया के अध्यक्ष दीपक कुमार के निर्देशन में संस्था बहुत ही सराहनीय कार्य कर रही है, इनके मेहनत और लगन से ही जरूरतमंद बच्चो के सहायतार्थ तीन मंजिला भवन बन कर तैयार हुआ है जिसमे बच्चो के लिए खाने -पीने, खेलने, सोने, मनोरंजन के सभी सुविधाए मौजूद है। इनके द्वारा यह भी कहा गया की यहां लडकों के लिए अलग एवं लड़कियों के लिए अलग तल पर सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाती है यह बहुत ही अच्छा एवं सराहनीय है।
श्रीमती जेन स्मिथ ने कहा कि मैं बहुत पहले बोधगया आई थी तो पीपल फर्स्ट के कार्यों को देखी थी। जिससे मैं बहुत ही प्रसन्न हुई। उसके बाद मुझे पीपल फर्स्ट इंटरनेशन में सचिव का पद पाकर मैं बहुत खुश हुई और मैं रेस्क्यू जंक्शन के कार्यों से प्रभावित होकर इन बच्चो से मिलने हमेशा भारत आती हूं। वहीं सारा का कहना है की उनके माता पिता अक्सर भारत आते थे एवं पीपल फर्स्ट के द्वारा बच्चो की कियें जा रहे प्रशंसनीय कार्यों के बारे में बताते थे। परंतु आज पहली बार मुझे यहां आने का मौका मिला है इन बच्चो के चेहरे पर खिलखिलाती हंसी को देख कर और इनसे मिलकर मुझे बहुत ही खुशी हुई तथा यहां के स्टाफ के बच्चो के प्रति समर्पण भाव को देख कर मैं बहुत प्रभावित हुई, मुझे जब भी अवसर मिलेगा मैं यहां पुनः आऊंगी।

15 सालों से अहर्निश सेवा कर रहा है रेस्क्यू जंक्शन

ज्ञात हो की रेस्क्यू जंक्शन गत 15 वर्षो से गया स्टेशन के निकट कार्य करते आ रही है इसके अंतर्गत 3000 से ज्यादा बच्चो को किसी न किसी जोखिम से विमुक्त करते हुए पुनर्वासन करवाया गया है। इसके अलावा मलिन बस्तियों में रहने वाला एवं स्ट्रीट पर रहने वाले बच्चो को भी शिक्षा से जोड़ा गया एवं उनकी भी मूल भूत सुविधाए मुहैया करवाई गई है , जिससे वे बच्चे किसी नशा , ट्रैफिकिंग, बालश्रम का शिकार न हो पाए, पुरानी भवन को विनिष्ट करके अत्याधुनिक एवं विशेष सुविधाएं के साथ पुनः तैयार किया गया है।

कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है इस संस्था ने


पीपल फर्स्ट के द्वारा की जा रही सराहनीय कार्य के कारण राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाली बहुत सारे संस्थाओं ने भी पीपल फर्स्ट के साथ गया जिला में कार्य किया है। जिसमे बच्चो के सहायतार्थ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा संचालित आकस्मिक 1098 फोन सेवा चाइल्डलाइन एवं रेलवे चाइल्ड लाइन आकस्मिक सेवा, साथी संस्था थे। इसके अलावा कोविड महामारी के दौरान बुजुर्गो के कुशल क्षेम पुछने एवं उनके जरूरतों को पूरा करने के पिरामल फाउंडेशन ने गया जिला में दादा दादी नाना नानी कार्यक्रम के तहत पीपल फर्स्ट को तत्कालीन जिला पदाधिकारी के अनुशंसा से नामित किया। इसी महामारी के दौरान बिहार से बाहर रह रहे प्रवासी मजदूरों के वापसी के दौरान उन्हें एवं उनके बच्चो को गया जंक्शन पर सुरक्षित वापसी में सहयोग के लिए और इस दौरान उनके मूलभूत सुविधाओं को मुहैया करवाने की जिम्मेदारी के लिए यूनिसेफ ने पीपल फर्स्ट को ही चिन्हित किया।

जरूरतमंद बच्चो के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आगे भी करती रहेंगी: दीपक


संस्था के अध्यक्ष श्री दीपक कुमार ने पीपल फर्स्ट इंटरनेशनल से आए तीन सदस्यीय दल का स्वागत करते हुए बच्चो के सहायतार्थ भेट किए गए चारपहिया वाहन एवं सोलर पावर के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया की इंटरनेशन पीपल फर्स्ट के अध्यक्ष कीथ डार्विन का सहयोग हमारे संस्था को 15 वर्ष से प्राप्त होते आ रहा है। उनके सहयोग के कारण ही हमारी संस्था बिहार एवं झारखंड के जरूरतमंद बच्चो के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आगे भी करती रहेंगी। उन्होंने इस नवनिर्मित भवन के बारे में बताया की इस भवन में सभी प्रकार के जरूरतमंद बच्चो के सहायता के लिए हमारी टीम निरंतर प्रयासरत रहेगी। बच्चो को उनके निजी जीवन को सुधारने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसायिक प्रशिक्षण, भोजन मुहैया करवाया जायेगा, इसके अलावा गया जिला में बच्चो के अधिकार एवं उनके अधिकारों के सुरक्षा की जानकारी के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिससे बच्चे अनजाने में किसी खतरे के शिकार न हो जाए।

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Last Update: October 15, 2023