जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के 74 वर्ष हुए पूरे, स्थापना दिवस पर कवियों ने पढी़ अपनी रचनाएं

Deobarat Mandal
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वागीश्वरी सम्मान-2022 से सम्मानित किए गए साहित्यकार रामावतार सिंह

वरीय संवाददाता देवब्रत मंडल

शनिवार को स्थानीय आजाद पार्क स्थित गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन के डॉ मंजू करण सांस्कृतिक सभागार में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन का 74 वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता सम्मेलन के सभापति सुरेंद्र सिंह सुरेंद्र व संचालन संयुक्त मंत्री डा राकेश कुमार सिन्हा रवि ने किया। सर्वप्रथम सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई। सम्मेलन के उपसभापति अरुण हरलीवाल ने उपस्थित साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों का स्वागत किया। स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य पर प्रत्येक वर्ष दिये जाने वाले वागीश्वरी सम्मान के अंतर्गत इस वर्ष वरिष्ठ कवि व साहित्यकार रामावतार सिंह को उनके अप्रतिम साहित्यिक उपलब्धि के लिए “वागीश्वरी सम्मान- 2022” प्रदान किया गया। उन्हें अंगवस्त्र एवं सम्मान पत्र भेंट कर समादरण किया गया। डॉ रामकृष्ण ने अपने संबोधन में कहा कि जिले की सांस्कृतिक धरोहर साहित्य सम्मेलन कवि और साहित्यकारों के मार्गदर्शन से निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है। इस बीच महामंत्री सुमंत ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2021-2022 तक का लाभ का बजट पेश किया। इस बीच सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा की गई।उन्होंने सम्मेलन में विशिष्ट योगदान देने वाले दिवंगत साहित्यकारों को याद करते हुए उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की। स्थापना दिवस पर अजीत कुमार द्वारा रचित नाटक संग्रह ‘आईना’ एवं मुद्रिका सिंह द्वारा लिखित दोहा संग्रह ,’जीवन दर्शन’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में काव्य संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित कवियों और साहित्यकारों ने नव संवत्सर एवं भगवान राम के पराक्रम पर आधारित स्वलिखित रचनाओं का पाठ कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।अंत में पूर्व सभापति सह सम्मेलन के संरक्षक डॉ रामकृष्ण ने उपस्थित साहित्यकारों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। मौके पर संयुक्त मंत्री डॉ राकेश कुमार सिन्हा रवि, डॉ सच्चिदानंद प्रेमी,अरुण हरलीवाल, राम परिखा सिंह, गजेंद्र लाल अधीर, उदय सिंह, डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी, अनामिका गुप्ता अनु, रानी मिश्रा,पल्लवी जोशी, अजीत कुमार, शैलेश ज्ञानी सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे। सम्मेलन के पूर्व सभापति डॉ. राधानंद सिंह ने अपना बधाई संदेश प्रेषित कर इस कार्यक्रम की प्रशंसा की है।

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