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एडीएम ने अपीलार्थी से कहा-अब आपको जनता दरबार में आने की जरूरत नहीं, जल्द हो जाएगा आपका काम

एक जमीन की रजिस्ट्री के आदेश के लिए चौथी बार जनता दरबार में पहुंचे मनीष कुमार

वरीय संवाददाता देवब्रत मंडल

शुक्रवार को गया जिला समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें कई अपीलार्थी अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। डीएम डॉ त्यागराजन एसएम बारी बारी से सभी की समस्याओं को सुनते हुए उसके त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिलाया। इसी में एक अपीलार्थी मनीष कुमार भी थे। जबतक इनकी बारी आती तब तक डीएम साहेब को किसी अन्य आवश्यक कार्यवश जनता दरबार का संचालन करने के लिए डीडीसी को अधिकृत कर समाहरणालय से निकल गए। गया शहर के रहनेवाले मनीष कुमार की बारी आई तो अधिकारी इनके चेहरे को देख ही समझ गए कि ये आदमी एक बार नहीं, इधर लगातार जनता दरबार में एक ही फरियाद लेकर आ रहा है कि एक जमीन के टुकड़े के निबंधन पर लगी रोक हटा लिया जाए और रजिस्ट्री का आदेश डीएम साहेब कर दें। मामले की जानकारी सभी मौजूद अधिकारी को थी।

मनीष के चेहरे को देखते ही मौजूद एडीएम ने मनीष कुमार से कहा कि अब आपको जनता दरबार में आने की जरूरत नहीं। आपका काम प्राथमिकता के आधार पर करा दिया जाएगा। इस पर मनीष कुमार को एक बार फिर से विश्वास हो गया कि उनकी दो साल से चली आ रही समस्या का निदान हो जाएगा। जैसा कि मनीष ने बताया कि जनता दरबार में एडीएम साहेब ने कह दिया है कि अब उन्हें यहां आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आपकी समस्या का समाधान जिला प्रशासन करा देगा। दरअसल, मनीष कुमार सदर अंचल चंदौती के राजस्व ग्राम कंडी नवादा 189 में शिवनारायण प्रसाद से 837 वर्गफीट जमीन खरीदने के लिए उन्हें सारा पैसे का भुगतान करने के बाद निबंधन के लिए कागजत जिला अवर निबंधन कार्यालय में दो साल पहले जमा हो गया है। परंतु अबतक निबंधन का आदेश नहीं हुआ है। जैसा कि मनीष ने बताया कि यह फ़ाइल डीएम के गोपनीय शाखा में है। निबंधन कार्यालय के आधिकारिक सूत्रों की माने तो ऐसे कई फ़ाइल लंबित हैं, जिस पर केवल डीएम का मन्तव्य/आदेश की प्रतीक्षा में लंबित है। इधर, मनीष ने बताया कि तीन बार डीएम के जनता दरबार में, एक बार व्यक्तिगत रूप से डीएम से, दो बार मुख्यमंत्री को मेल के माध्यम से और लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत अपील करते हुए निबंधन की गुहार लगा चुके हैं। इनके अनुसार विभागीय स्तर से सारी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी है, बावजूद निबंधन का आदेश नहीं हो सका है। मनीष का कहना है यदि इस सप्ताह इनकी समस्या का हल नहीं किया जाता है तो अगले शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार में हाजिर हो कर अपनी बात एक बार फिर रखेंगे।

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Written by Deobarat Mandal

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